menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ३६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
प्रेक्षन्तस्तं महावाहुं रुक्मपुङ्खैः समावृतम् |  ३५   क
त्वदीय़ाश्च पलाय़न्ते मृगाः सिंहार्दिता इव ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति