menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तत्र कर्णस्य वसतो महेन्द्रे पर्वतोत्तमे |  १७   क
गन्धर्वै राक्षसैर्यक्षैर्देवैश्चासीत्समागमः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति