menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
धिङ्ममास्त्राणि दिव्यानि धिग्वाहू धिक्पराक्रमम् |  ३२   क
यन्मां द्रोणः सुतं प्राप्य केशग्रहणमाप्तवान् ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति