विराट पर्व  अध्याय ८

सुदेष्णो उवाच

राजा विराटः सुश्रोणि दृष्ट्वा वपुरमानुषम् |  २३   क
विहाय़ मां वरारोहे त्वां गच्छेत्सर्वचेतसा ||  २३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति