menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ते वय़ं पार्थ दीर्घस्य कालस्य पुरुषर्षभ |  ३४   क
सुखमासादय़िष्यामस्त्वां दृष्ट्वा राजसत्तम ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति