menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८२
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
श्रुत्वा शव्दं तु यत्किञ्चिदुन्मुखौ सुतशङ्कय़ा |  ४   क
सावित्रीसहितोऽभ्येति सत्यवानित्यधावताम् ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति