menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
दुर्योधन उवाच
सुविज्ञेय़ः पुरुषोऽन्यत्रकामो; निन्दाप्रशंसे हि तथा युनक्ति |  २   क
जिह्वा मनस्ते हृदय़ं निर्व्यनक्ति; ज्याय़ो निराह मनसः प्रातिकूल्यम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति