menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
मनसो दुःखमूलं तु स्नेह इत्युपलभ्यते |  २६   क
स्नेहात्तु सज्जते जन्तुर्दुःखय़ोगमुपैति च ||  २६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति