menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
कार्पण्यं दर्पमानौ च भय़मुद्वेग एव च |  ४१   क
अर्थजानि विदुः प्राज्ञा दुःखान्येतानि देहिनाम् ||  ४१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति