menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
भीम उवाच
आहरिष्यामि दारूणां निचय़ान्महतोऽपि च |  ३   क
तत्प्रेक्ष्य विपुलं कर्म राजा प्रीतो भविष्यति ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति