menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वरूथिना महता सध्वजेन; सुवर्णमुक्तामणिवज्रशालिना |  ३६   क
सदश्वय़ुक्तेन रथेन कर्णो; मेघस्वनेनार्क इवामितौजाः ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति