menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स सृञ्जय़ानां सर्वेषां पाञ्चालानां च पश्यताम् |  १८   क
केकय़ानां विदेहानामकरोत्कदनं महत् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति