menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
कथं त्वं पृथिवीपालान्भुक्त्वा तात समागतान् |  १२   क
शेषे विनिहतो भूमौ प्राकृतः कुनृपो यथा ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति