menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
को नु मामुत्थितं काल्ये तात तातेति वक्ष्यति |  १३   क
महाराजेति सततं लोकनाथेति चासकृत् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति