अनुशासन पर्व  अध्याय २०

भीष्म उवाच

अथोर्वरा मिश्रकेशी रम्भा चैवोर्वशी तथा |  १९   क
अलम्वुसा घृताची च चित्रा चित्राङ्गदा रुचिः ||  १९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति