menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
भवतोस्तु यदि प्रज्ञा न मोहादपचीय़ते |  ६६   क
व्यापन्नेऽस्मिन्महत्यर्थे यन्नः श्रेय़स्तदुच्यताम् ||  ६६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति