menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय २०
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
को हि जानन्नभिजनमात्मनः क्षत्रिय़ो नृप |  १४   क
नाविशेत्स्वर्गमतुलं रणानन्तरमव्ययम् ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति