वन पर्व  अध्याय २०

वासुदेव उवाच

तत उत्थाय़ राजेन्द्र शाल्वः परमदुर्मनाः |  २६   क
व्यपाय़ात्सवलस्तूर्णं प्रद्युम्नशरपीडितः ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति