menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
क्रव्यादगणसङ्घुष्टां श्वशृगालगणाय़ुताम् |  ३७   क
निषेवितां महारौद्रैः पिशिताशैः समन्ततः ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति