menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
रत्नं च यन्मरुत्तेन निहितं पृथिवीतले |  २   क
तदवाप कथं चेति तन्मे व्रूहि द्विजोत्तम ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति