menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तं परे नाभ्यवर्तन्त मर्त्या मृत्युमिवाहवे |  ३६   क
अथान्यं रथमास्थाय़ हार्दिक्यः समपद्यत ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति