menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २००
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
अचेष्टमानमासीनं श्रीः कञ्चिदुपतिष्ठति |  ११   क
कश्चित्कर्माणि कुर्वन्हि न प्राप्यमधिगच्छति ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति