menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २००
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
अपरे धनधान्यैश्च भोगैश्च पितृसञ्चितैः |  १३   क
विपुलैरभिजाय़न्ते लव्धास्तैरेव मङ्गलैः ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति