menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २००
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
वध्यमाने शरीरे तु देहनाशो भवत्युत |  २४   क
जीवः सङ्क्रमतेऽन्यत्र कर्मवन्धनिवन्धनः ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति