menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २००
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
इन्द्रिय़ाणि तु यान्याहुः कानि तानि यतव्रत |  ५३   क
निग्रहश्च कथं कार्यो निग्रहस्य च किं फलम् ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति