शान्ति पर्व  अध्याय २०१

भीष्म उवाच

तथैव पुत्रो भगवानृचीकस्य महात्मनः |  ३२   क
जमदग्निश्च सप्तैते उदीचीं दिशमाश्रिताः ||  ३२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति