विराट पर्व  अध्याय ६६

अर्जुन उवाच

य एष वल्लवो व्रूते सूदस्तव नराधिप |  ३   क
एष भीमो महावाहुर्भीमवेगपराक्रमः ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति