menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २०३
chevron_left
chevron_right
गुरुरु उवाच
कालचक्रमनाद्यन्तं भावाभावस्वलक्षणम् |  ११   क
त्रैलोक्यं सर्वभूतेषु चक्रवत्परिवर्तते ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति