menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २०३
chevron_left
chevron_right
गुरुरु उवाच
पुरुषाधिष्ठितं भावं प्रकृतिः सूय़ते सदा |  २३   क
हेतुय़ुक्तमतः सर्वं जगत्सम्परिवर्तते ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति