menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११७
chevron_left
chevron_right
युधिष्ठिर उवाच
नापूपान्विविधाकाराञ्शाकानि विविधानि च |  २   क
षाडवान्रसय़ोगांश्च तथेच्छन्ति यथामिषम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति