menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २०४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
एवं सङ्कथिते कृत्स्ने मोक्षधर्मे युधिष्ठिर |  १   क
दृढं प्रीतमना विप्रो धर्मव्याधमुवाच ह ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति