menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २०४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
न्याय़युक्तमिदं सर्वं भवता परिकीर्तितम् |  २   क
न तेऽस्त्यविदितं किञ्चिद्धर्मेष्विह हि दृश्यते ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति