menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ते भुजैर्भोगिभोगाभैर्धनूंष्याय़म्य साय़कान् |  ४४   क
मुमुचुः सूर्यरश्म्याभाञ्शतशः फल्गुनं प्रति ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति