menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २०५
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
एको नरसहस्रेषु धर्मविद्विद्यते न वा |  १५   क
प्रीतोऽस्मि तव सत्येन भद्रं ते पुरुषोत्तम ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति