menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २०५
chevron_left
chevron_right
व्याध उवाच
तपस्वी त्वं महात्मा च धर्मे च निरतः सदा |  ९   क
सर्वमेतदपार्थं ते क्षिप्रं तौ सम्प्रसादय़ ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति