आदि पर्व  अध्याय २०६

वैशम्पाय़न उवाच

तं प्रय़ान्तं महावाहुं कौरवाणां यशस्करम् |  १   क
अनुजग्मुर्महात्मानो व्राह्मणा वेदपारगाः ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति