आदि पर्व  अध्याय २०६

वैशम्पाय़न उवाच

ददर्श पाण्डवस्तत्र पावकं सुसमाहितम् |  १४   क
कौरव्यस्याथ नागस्य भवने परमार्चिते ||  १४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति