आदि पर्व  अध्याय २०६

उलूप्यु उवाच

तदिदं द्रौपदीहेतोरन्योन्यस्य प्रवासनम् |  २६   क
कृतं वस्तत्र धर्मार्थमत्र धर्मो न दुष्यति ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति