आदि पर्व  अध्याय २०६

उलूप्यु उवाच

प्राणदानान्महावाहो चर धर्ममनुत्तमम् |  ३०   क
शरणं च प्रपन्नास्मि त्वामद्य पुरुषोत्तम ||  ३०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति