menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २०६
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
आपृच्छे त्वां स्वस्ति तेऽस्तु धर्मस्त्वा परिरक्षतु |  २८   क
अप्रमादस्तु कर्तव्यो धर्मे धर्मभृतां वर ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति