menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २०७
chevron_left
chevron_right
गुरुरु उवाच
कुणपामेध्यसंय़ुक्तं यद्वदच्छिद्रवन्धनम् |  १५   क
तद्वद्देहगतं विद्यादात्मानं देहवन्धनम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति