menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २०७
chevron_left
chevron_right
गुरुरु उवाच
स्वप्नेऽप्येवं यथाभ्येति मनःसङ्कल्पजं रजः |  २२   क
शुक्रमस्पर्शजं देहात्सृजन्त्यस्य मनोवहा ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति