menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २०७
chevron_left
chevron_right
गुरुरु उवाच
जिह्वय़ा रसनं यच्च तदेव परिवर्जितम् |  ९   क
वुद्ध्या च व्यवसाय़ेन व्रह्मचर्यमकल्मषम् ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति