आदि पर्व  अध्याय २०९

वर्गो उवाच

एतास्तु मम वै सख्यश्चतस्रोऽन्या जले स्थिताः |  २०   क
कुरु कर्म शुभं वीर एताः सर्वा विमोक्षय़ ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति