menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २०९
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
यः प्रशान्तेषु भूतेषु मन्युर्भवति पावकः |  २२   क
क्रोधस्य तु रसो जज्ञे मन्यती चाथ पुत्रिका |  २२   ख
स्वाहेति दारुणा क्रूरा सर्वभूतेषु तिष्ठति ||  २२   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति