आदि पर्व  अध्याय २१

सूत उवाच

नमस्ते देवदेवेश नमस्ते वलसूदन |  ७   क
नमुचिघ्न नमस्तेऽस्तु सहस्राक्ष शचीपते ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति