menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
त्वं चैव हि नरश्रेष्ठ देवाश्चाग्निपुरोगमाः |  १०   क
आय़ान्तु सहिताः सर्वे मम यत्र स्वय़ंवरः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति