menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २१
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
प्राणेन या सम्भवते शरीरे; प्राणादपानं प्रतिपद्यते च |  २०   क
उदानभूता च विसृज्य देहं; व्यानेन सर्वं दिवमावृणोति ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति