menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
तस्य शार्ङ्गविनिर्मुक्तैर्वहुभिर्मर्मभेदिभिः |  १८   क
पुरं नासाद्यत शरैस्ततो मां रोष आविशत् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति