menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय २१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तमर्थं प्रतिजल्पन्त्याः कृष्णाय़ाः कीचकेन ह |  १८   क
दिवसार्धं समभवन्मासेनैव समं नृप ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति